Wednesday, 31 August 2017

Sms, shayri,fun,comedy, poetry,Ghazal, Love story

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Sunday, May 13, 2018

दर्द भरी बेवफ़ाई हिंदी शायरी ।। दिल टूटने के बाद कि शायरी।। sad bewafa Hindi Shayri in 4 line with images pic



जिनकी आंखें आंसू से नम नहीं,
क्या समझते हो उसे कोई गम नहीं,
तुम तड़प कर रो दिये तो क्या हुआ,
गम छुपा के हंसने वाले भी कम नहीं..









सारे रिश्ते वो मुझ से तोड़ गई,
हासिल कर के भी मुझे छोड़ गई,
मेने तो दिल दिया था अपना उसके हाथों में,
और वो शीशा समझ के तोड़ गई..









मेरे अश्को से तू अपना दामन साफ कर ,
अकेले तड़पता हूँ ऐ खुदा इन्साफ कर ,
उनकी बेवफाई में कुछ राज छुपा है ,

मेरे खुदा तू उनके हर गुनाह माफ़ कर ..










बेवफाई उसकी दिल से मिटा के आया हूँ,
ख़त भी उसके पानी में बहा के आया हूँ,
कोई पढ़ न ले उस बेवफा की यादों को,
इसलिए पानी में भी आग लगा कर आया हूँ..










तक़दीर के आईने में मेरी तस्वीर खो गई,
आज हमेशा के लिए मेरी रूह सो गई,
मोहब्बत करके क्या पाया मैंने,
वो कल मेरी थी आज किसी और की हो गई ..











उलझी शाम को पाने की ज़िद न करो,
जो ना हो अपना उसे अपनाने की ज़िद न करो,
इस समंदर में तूफ़ान बहुत आते है,
इसके साहिल पर घर बनाने की ज़िद न करो..










कहाँ कोई ऐसा मिला जिस पर हम दुनिया लुटा देते,
हर एक ने धोखा दिया, किस-किस को भुला देते,
अपने दिल का ज़ख्म दिल में ही दबाये रखा,
बयां करते तो महफ़िल को रुला देते..

Tuesday, March 20, 2018

Painful sad Bewafaai hindi shayari 2018

उसने मुझसे ना जाने क्यों ये दूरी कर ली,
बिछड़ के उसने मोहब्बत ही अधूरी कर दी,
मेरे मुकद्दर में दर्द आया तो क्या हुआ,
खुदा ने उसकी ख्वाहिश तो पूरी कर दी।







एक उम्र भर की जुदाई मेरा नसीब करके,
वो तो चला गया है बातें अजीब करके,
तर्ज़-ए-वफ़ा को उसकी क्या नाम दूँ मैं अब,
खुद दूर हो गया है मुझको करीब करके।











मोहब्बत ऐसी थी कि उनको बताई न गयी,
चोट दिल पर थी इसलिए दिखाई न गयी,
चाहते नहीं थे उनसे दूर होना पर,
दूरी इतनी थी कि मिटाई न गयी।












हमने प्यार मोहब्बत नहीं इबादत की है,
रस्मों और रिवाजों से बगावत की है,
माँगा था हमने जिसे अपनी दुआओं में,
उसी ने मुझसे जुदा होने की चाहत की है।










गलतियों से जुदा तू भी नहीं और मैं भी नहीं,
दोनों इंसान हैं ख़ुदा तू भी नहीं, मैं भी नहीं,
गलतफहमियों ने कर दी दोनों में पैदा दूरियां,
वरना फितरत का बुरा तू भी नहीं मैं भी नहीं।









सजा न दे मुझे बेक़सूर हूँ मैं,
थाम ले मुझको ग़मों से चूर हूँ मैं,
तेरी दूरी ने कर दिया है पागल मुझे,
और लोग कहते हैं कि मगरूर हूँ मैं।










दूर रहना आपका हमसे सहा नहीं जाता,
जुदा होके आपसे हमसे रहा नहीं जाता,
अब तो वापस लौट आइये हमारे पास,
दिल का हाल अब किसी से कहा नहीं जाता।

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